
धनि-धनि ए सिया रउरी भाग राम वर पायो चातल गीत | Dhani Dhani Ye Siya Lyrics
धनि-धनि ए सिया रउरी भाग,
राम वर पायो ||
लिखि लिखि चिठिया नारद मुनि भेजे,
विश्वामित्र पिठायो ||
साजि बरात चले राजा दशरथ,
जनकपुरी चलि आयो || राम वर पायो ||
वनविरदा से बांस मंगायो,
आनन माड़ो छवायो ||
कंचन कलस धरतऽ बेदिअन परऽ,
जहाँ मानिक दीप जराए, राम वर पाए ||
भए व्याह देव सब हरषत,
सखि सब मंगल गाए,
राजा दशरथ द्रव्य लुटाए, राम वर पाए ||
धनि -धनि ए सिया रउरी भाग || राम वर पायो ||
इसे भी पढ़ें:
- शुभ कातिक सिर विचारी तजो वनवारी चौताल गीत
- हमरे उर ऊपर हाथ धरो जिनि प्यारे चौताल गीत
- नैनन से मोहे गारी दई पिचकारी दई होली गीत
- यह चरन सरोज तिहारे अमंगल हारे चौताल गीत
- सखि आये बसंत बहार पिया नहिं आये चौताल गीत
- पीयवा परदेस में छाये सन्देस न आाये चौताल गीत
- श्यामा भर दे गगरिया हमारी कहत ब्रज नारी लिरिक्स
- सखी फूले बसन्त के फूल बिरह तनु जारे चौताल गीत
- पपीहा बन बैन सुनावे निंद नहीं आवे चौताल गीत
- सखि उठिकर करहु सिंगार बसन्त जाये चौताल गीत












