
हमरे उर ऊपर हाथ धरो जिनि प्यारे चौताल गीत | Hamre Ur Upar Lyrics
हमरे उर ऊपर हाथ धरो जिनि प्यारे ||
काल्हि करार कियो सेजिया पर,
झुलनी बनी सकारे ||
सो विसराय दिहो तुम बालम,
अब नाहक हाथ पसारे ||धरो जिनि प्यारे ||
कंठ हार हुवेल विजायठ भूषन धरो लिलारे ||
यह गहना हमका नहिं भावत,
इत से उठि जाव दुवारे ||धरो जिनि प्यारे ||
यह जोबना हम बड़े जतन से,
पाला प्राण पियारे ||
सो तुम्हें मलत दरद नहिं आवत ,
मोरे कोमल अंग विगारे ||धरो जिनि प्यारे ||
फरक रहो गले वाह न डारो,
न छुओ बदन हमारे ||
द्विज छोटकुन झुलनी बिन बालम ,
मुख चूमे कौन प्रकारे ||धरो जिनि प्यारे ||
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