Mahalakshmi Chalisa in Hindi: महालक्ष्मी चालीसा संपूर्ण पाठ, महत्व, लाभ और पाठ विधि

महालक्ष्मी चालीसा का पाठ जीवन में धन, सौभाग्य और सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है। देवी लक्ष्मी करुणा, वैभव और आनंद की अधिष्ठात्री शक्ति हैं।

Mahalakshmi Chalisa in Hindi: महालक्ष्मी चालीसा संपूर्ण पाठ, महत्व, लाभ और पाठ विधि

चालीसा के प्रत्येक शब्द में देवी की कृपा और दिव्य ऊर्जा निहित है। नियमित पाठ से धन-लाभ, घर में शांति और परिवार में खुशहाली स्थापित होती है।

Mahalakshmi Chalisa in Hindi: महालक्ष्मी चालीसा पाठ

महालक्ष्मी चालीसा दोहा

जय जय श्री महालक्ष्मी, करूँ मात तव ध्यान।

सिद्ध काज मम किजिये, निज शिशु सेवक जान॥

महालक्ष्मी चालीसा चौपाई

नमो महा लक्ष्मी जय माता।

तेरो नाम जगत विख्याता॥

आदि शक्ति हो मात भवानी।

पूजत सब नर मुनि ज्ञानी॥

जगत पालिनी सब सुख करनी।

निज जनहित भण्डारण भरनी॥

श्वेत कमल दल पर तव आसन।

मात सुशोभित है पद्मासन॥

श्वेताम्बर अरू श्वेता भूषण।

श्वेतही श्वेत सुसज्जित पुष्पन॥

शीश छत्र अति रूप विशाला।

गल सोहे मुक्तन की माला॥

सुंदर सोहे कुंचित केशा।

विमल नयन अरु अनुपम भेषा॥

कमलनाल समभुज तवचारि।

सुरनर मुनिजनहित सुखकारी॥

अद्भूत छटा मात तव बानी।

सकलविश्व कीन्हो सुखखानी॥

शांतिस्वभाव मृदुलतव भवानी।

सकल विश्वकी हो सुखखानी॥

महालक्ष्मी धन्य हो माई।

पंच तत्व में सृष्टि रचाई॥

जीव चराचर तुम उपजाए।

पशु पक्षी नर नारी बनाए॥

क्षितितल अगणित वृक्ष जमाए।

अमितरंग फल फूल सुहाए॥

छवि विलोक सुरमुनि नरनारी।

करे सदा तव जय-जय कारी॥

सुरपति औ नरपत सब ध्यावैं।

तेरे सम्मुख शीश नवावैं॥

चारहु वेदन तब यश गाया।

महिमा अगम पार नहिं पाये॥

जापर करहु मातु तुम दाया।

सोइ जग में धन्य कहाया॥

पल में राजाहि रंक बनाओ।

रंक राव कर बिमल न लाओ॥

जिन घर करहु माततुम बासा।

उनका यश हो विश्व प्रकाशा॥

जो ध्यावै से बहु सुख पावै।

विमुख रहे हो दुख उठावै॥

महालक्ष्मी जन सुख दाई।

ध्याऊं तुमको शीश नवाई॥

निज जन जानीमोहीं अपनाओ।

सुखसम्पति दे दुख नसाओ॥

ॐ श्री-श्री जयसुखकी खानी।

रिद्धिसिद्ध देउ मात जनजानी॥

ॐह्रीं-ॐह्रीं सब व्याधिहटाओ।

जनउन विमल दृष्टिदर्शाओ॥

ॐक्लीं-ॐक्लीं शत्रुन क्षयकीजै।

जनहित मात अभय वरदीजै॥

ॐ जयजयति जयजननी।

सकल काज भक्तन के सरनी॥

ॐ नमो-नमो भवनिधि तारनी।

तरणि भंवर से पार उतारनी॥

सुनहु मात यह विनय हमारी।

पुरवहु आशन करहु अबारी॥

ऋणी दुखी जो तुमको ध्यावै।

सो प्राणी सुख सम्पत्ति पावै॥

रोग ग्रसित जो ध्यावै कोई।

ताकी निर्मल काया होई॥

विष्णु प्रिया जय-जय महारानी।

महिमा अमित न जाय बखानी॥

पुत्रहीन जो ध्यान लगावै।

पाये सुत अतिहि हुलसावै॥

त्राहि त्राहि शरणागत तेरी।

करहु मात अब नेक न देरी॥

आवहु मात विलम्ब न कीजै।

हृदय निवास भक्त बर दीजै॥

जानूं जप तप का नहिं भेवा।

पार करो भवनिध वन खेवा॥

बिनवों बार-बार कर जोरी।

पूरण आशा करहु अब मोरी॥

जानि दास मम संकट टारौ।

सकल व्याधि से मोहिं उबारौ॥

जो तव सुरति रहै लव लाई।

सो जग पावै सुयश बड़ाई॥

छायो यश तेरा संसारा।

पावत शेष शम्भु नहिं पारा॥

गोविंद निशदिन शरण तिहारी।

करहु पूरण अभिलाष हमारी॥

महालक्ष्मी चालीसा दोहा

महालक्ष्मी चालीसा, पढ़ै सुनै चित लाय।

ताहि पदारथ मिलै, अब कहै वेद अस गाय॥

श्री मंदिर साहित्य में पाएं सभी मंगलमय चालीसा का संग्रह।

इसे भी पढ़ें:

महालक्ष्मी चालीसा महत्व (Importance)

Mahalakshmi Chalisa महालक्ष्मी चालीसा
Mahalakshmi Chalisa महालक्ष्मी चालीसा
  • महालक्ष्मी चालीसा धन, सौभाग्य, समृद्धि और स्थिरता का शक्तिशाली स्तोत्र है।
  • यह चालीसा दुर्भाग्य, आर्थिक बाधाओं और कर्ज जैसी समस्याओं को कम करता है।
  • व्यापार-नौकरी में प्रगति, शुभ लाभ और आर्थिक उन्नति के द्वार खोलता है।
  • देवी की कृपा से घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करती हैं।

महालक्ष्मी चालीसा पाठ विधि (How to Recite)

  • शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन स्वच्छ पीले/लाल वस्त्र पहनें।
  • देवी लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने दीपक, धूप, कमल या गुलाबी फूल अर्पित करें।
  • “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
  • फिर श्रद्धा से महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
  • अंत में खीर, मिश्री या हलवा का भोग लगाएं।
Picture of पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

भारतीय धर्म, पुराण, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के शोधकर्ता। Sursarita.in (धर्म कथा गंगा) पर वे सरल भाषा में धार्मिक कथाएँ, राशिफल, पञ्चांग और व्रत विधियाँ साझा करते हैं।

ज्यादा जानें...

Share:

SUBSCRIBE

Loading

नए पाठ:

About Author

pawan shastri

Pawan Shastri

Pawan Shastri is an experienced music teacher and spiritual knowledge expert with 10 years of experience in harmonium, keyboard, singing, and classical music.

He holds an M.A. degree and is also a certified Jyotish Shastri (Astrology Expert). His articles and content aim to share devotional, musical, and spiritual knowledge in a simple, accurate, and emotionally engaging manner.

Pawan Shastri believes that the fusion of devotion in melody and wisdom in knowledge can bring peace, energy, and positivity to everyone’s life.

दिव्यता से जुड़े रहें! हमारे चैनल Dharm Katha Ganga से जुड़कर आप पाएंगे —

  1. 🌿 दैनिक आध्यात्मिक ज्ञान
  2. 🌿 शक्तिशाली मंत्र और भजन
  3. 🌿 सनातन धर्म से प्रेरित अद्भुत कथाएँ
  4. 🌿 व्रत कथाएँ, उपवास मार्गदर्शन और त्योहारों की जानकारी
  5. 🌿 विशेष सामग्री जो आपके जीवन में शांति, सकारात्मकता और भक्ति का संचार करेगी।