
Bhumi Pujan Muhurat 2026: यदि आप वर्ष 2026 में अपने नए घर के निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो भूमि पूजन के लिए शुभ तिथि चुनना अत्यंत आवश्यक है। इस लेख में आपको Bhumi Pujan Muhurat 2025–26, शुभ नक्षत्र, तिथियाँ और पंचांग के अनुसार सबसे बेहतर दिनों की पूरी सूची मिलेगी। सही मुहूर्त चुनकर गृह निर्माण की मंगल शुरुआत कर सकते हैं।
Bhumi Pujan Muhurat 2026: नए घर का निर्माण शुरू करने की सबसे शुभ तिथियाँ | 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त
Bhumi Pujan Muhurat 2026: किसी भूमि का क्रय कर उस पर घर बनाना किसी भी व्यक्ति के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत में यह आम विश्वास है कि भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेने से सौभाग्य और समृद्धि प्राप्त होती है। भूमि पूजन को भूमि पूजा या नींव पूजन भी कहा जाता है। यह अनुष्ठान प्रायः निर्माण स्थल के उत्तर-पूर्व (ईशान) कोने में किया जाता है।
भूमि पूजन क्या है?
भूमि पूजन एक प्राचीन हिंदू अनुष्ठान है, जिसमें देवी पृथ्वी (भूमि) और अन्य देवताओं की पूजा की जाती है। इसका उद्देश्य निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उनकी अनुमति और आशीर्वाद प्राप्त करना होता है।
भूमि पूजन में इन देवताओं की होती है पूजा
- देवी पृथ्वी: दिव्य ऊर्जा का संचार और बाधाओं का निवारण
- वास्तु पुरुष: घर में शुभता और समरसता का संचार
- भगवान गणेश: सभी शु्भ कार्यों के आरंभकर्ता
- नाग देवता: सुरक्षा का प्रतीक
- पंच तत्व (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश): सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं
अनुष्ठान में धरती माता और अन्य देवी-देवताओं को अर्पण, प्रार्थना और पूजन शामिल होता है। प्राचीन काल में भूमि खुदाई को पाप समान माना जाता था, इसलिए भूमि पूजन की परंपरा प्रारंभ हुई। भूमि पूजन भूमि की खुदाई, ड्रिलिंग और जोताई से पहले देवी की अनुमति प्राप्त करने हेतु किया जाता है।
Bhumi Pujan Muhurat 2022: Vastu Shastra
वास्तु शास्त्र नए घर में प्रथम प्रवेश या गृहप्रवेश शुभ दिन पर करने की सलाह देता है। यह प्रक्रिया हिंदी कैलेंडर या किसी वास्तु एवं ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेकर करनी चाहिए।
भूमि पूजन बनाम शिलान्यास : वास्तु के अनुसार अंतर
भूमि पूजन और शिलान्यास दोनों जुड़े हुए अनुष्ठान हैं, परंतु दोनों का महत्व अलग है—
✔ भूमि पूजन
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले किया जाता है। इसमें देवी पृथ्वी और अन्य देवताओं की पूजा होती है ताकि कार्य सुचारू रूप से चले।
✔ शिलान्यास
भूमि पूजन के बाद पहला पत्थर या ईंट स्थापित कर निर्माण की वास्तविक शुरुआत की जाती है।
भूमि पूजन बनाम भूमि शिला स्थापना
भूमि पूजन — धरती माता और देवताओं की पूजा
भूमि शिला स्थापना — घर की प्रथम नींव का पत्थर रखना
दोनों अनुष्ठान एक दूसरे से संबंधित परंतु महत्व में अलग हैं।
2025–26 में घर निर्माण के लिए भूमि पूजन के शुभ मुहूर्त
भूमि पूजन की तिथि चुनते समय ध्यान देने योग्य बातें
✔ शुभ महीने
वैशाख, फाल्गुन, कार्तिक, माघ, भाद्रपद, पौष, अग्रहायण और श्रावण।
✔ जिन महीनों में भूमि पूजन न करें
चैत्र, ज्येष्ठ, आषाढ़ और अश्विन।
✔ शुभ नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रोहिणी, मृगशिरा, रेवती, चित्रा, अनुराधा, शतभिषा, धनिष्ठा, हस्त, पुष्य।
✔ शुभ तिथियां
द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी और पूर्णिमा।
✔ शुभ लग्न
वृषभ, मिथुन, सिंह, वृश्चिक, धनु, कुंभ।
✔ सप्ताह के शुभ दिन
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार।
✔ जिन दिनों से बचें
शनिवार, रविवार, मंगलवार।
नींव का पत्थर रखने के वास्तु टिप्स
- परिवार के मुखिया को पत्नी के साथ नींव का पत्थर रखना चाहिए।
- शुभ मुहूर्त में पाँच नींव पत्थर रखें।
- पत्थरों की पूजा कर उन्हें स्थापित करें।
- नींव दक्षिण-पश्चिम में गहरी और उत्तर-पूर्व में कम गहरी होनी चाहिए।
- जमीन चुनते समय फॉल्ट लाइन, बाढ़ क्षेत्र और अत्यधिक भूमिगत जल वाले क्षेत्र से बचें।
भूमि पूजन / गृह निर्माण पूजन के लाभ
- स्थान शुद्ध होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार
- देवी पृथ्वी और देवताओं को प्रसन्न करना
- आध्यात्मिक आशीर्वाद और दिव्य कृपा
- वास्तु दोष व नकारात्मक ऊर्जा का नाश
- दुर्घटनाओं से सुरक्षा
- कृषि भूमि पर उत्पादन में वृद्धि
क्या भूमि पूजन मुहूर्त चुनने के नुकसान भी हैं?
- तय तिथि पर आयोजन की बाध्यता
- असुविधाजनक समय से देरी हो सकती है
- खराब मौसम बाधा उत्पन्न कर सकता है
- गलत मुहूर्त जीवन में रुकावट का कारण बन सकता है
- परंपराओं की अनदेखी सामाजिक-आध्यात्मिक अस्वीकृति का कारण बन सकती है
वास्तु के अनुसार 2025 में घर निर्माण के श्रेष्ठ महीने
- वैशाख (अप्रैल-मई): धन और समृद्धि
- फाल्गुन (मार्च-अप्रैल): स्वास्थ्य लाभ
- माघ (जनवरी-फरवरी): सफलता
- मार्गशीर्ष (नवंबर-दिसंबर): सुख-समृद्धि
- पौष (दिसंबर-जनवरी): स्थिरता
- भाद्रपद (अगस्त-सितंबर): शुभ
- कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर): सौभाग्य
- श्रावण (जुलाई-अगस्त): शुभ
सामान्य मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक (चतुर्मास) घर निर्माण आरंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं।
भूमिपूजन मुहूर्त 2026 | Bhumi Pujan Muhurat
(सभी मुहूर्त — ज्यों-के-त्यों, बिना किसी परिवर्तन के)
फरवरी 2026 भूमिपूजन मुहूर्त 2026
21 फरवरी 2026, शनिवार
मुहूर्त: 13:01 अपराह्न से 18:19 अपराह्न तक
अप्रैल 2026 भूमिपूजन मुहूर्त 2026
20 अप्रैल 2026, सोमवार
मुहूर्त: सुबह 5:51 से 7:28 तक
26 अप्रैल 2026, शुक्रवार
मुहूर्त: 08:01 पूर्वाह्न से 19:22 अपराह्न तक
अगस्त 2026 भूमिपूजन मुहूर्त 2026
19 अगस्त 2026, बुधवार
मुहूर्त: सुबह 5:52 से 6:47 तक
20 अगस्त, गुरुवार
मुहूर्त: सुबह 10:49 से रात 21:19 तक
28 अगस्त, गुरुवार
मुहूर्त: दोपहर 2:15 बजे से सुबह 5:57 बजे तक
29 अगस्त, शुक्रवार
मुहूर्त: 05:57 पूर्वाह्न से 09:48 पूर्वाह्न तक
सितंबर 2026 भूमिपूजन मुहूर्त 2026
12 सितंबर 2026, शनिवार
मुहूर्त: दोपहर 13:43 बजे से सुबह 6:05 बजे तक
14 सितंबर 2026, सोमवार
मुहूर्त: 06:06 से 07:07 बजे तक
अक्टूबर 2026 भूमिपूजन मुहूर्त 2026
30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
मुहूर्त: सुबह 6:32 से 9:04 तक
इसे भी पढ़ें:
- Vivah Muhurat 2026: साल 2026 में शुभ विवाह मुहूर्त, विवाह तिथि और मांगलिक तिथियाँ
- Mundan Muhurat 2026: मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026, पंचांग अनुसार पूरे साल के सभी शुभ मुंडन दिवस
- Yagyopavit Muhurat 2026: यज्ञोपवीत का शुभ मुहूर्त 2026, पंचांग अनुसार पूरे साल के सभी जनेऊ संस्कार मुहूर्त












