इतना तो करना स्वामी: Itna To Karna Swami Lyrics and Sargam notes

इतना तो करना स्वामी: Itna To Karna Swami Lyrics and Sargam notes

हमने इस पोस्ट में Itna To Karna Swami Harmonium And Piano notes with लिरिक्स दिया है और आशा यह की है कि Itna To Karna Swami Harmonium And Piano notation आपको बजाने और गाने के लिए बहुत ही उपयोगी होने वाला है |

Itna To Karna Swami Lyrics:

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
गोविन्द नाम लेकर, गोविन्द नाम लेकर
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
श्री गंगा जी का तट हो,
यमुना का वंशीवट हो
मेरा सांवरा निकट हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

 

पीताम्बरी कसी हो
छवि मन में यह बसी हो
होठों पे कुछ हसी हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
ये नेक सी अरज है
मानो तो क्या हरज है
कुछ आप का फरज है
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी: Itna To Karna Swami Sargam notes

Itna To Karna Swami, इतना तो करना स्वामी
Itna To Karna Swami, इतना तो करना स्वामी

इस Itna To Karna Swami Harmonium And Piano notes में लगने वाले स्वर –

  • मध्य सप्तक का सा, रे, कोमल ग, म, प, ध शुद्ध व् कोमल और कोमल नि और तार सप्तक में सां, रें, गं और मं | इस भजन में ग और नि पूर्ण रूप से कोमल ही प्रयोग किये गायें हैं और ध शुद्ध और कोमल दोनों प्रयोग किया गया है,
  • इसलिए ग और नि स्वर स्वर पे कोमल को दर्शाने के लिए कोई भी चिन्ह का प्रयोग नहीं किया गया है ध को कोमल दर्शाने के लिए ( ; ) चिन्ह का प्रयोग किया गया है |
  • यह भजन थाट काफी पर आधारित है और अगर आपको राग काफी का सम्पूर्ण परिचय भी चाहिए तो आपको हमारी वेबसाइट पर भी मिल जायेगा |

और आप निचे दिए गए link पर क्लिक करके भी उस आर्टिकल पर visit 👇 कर सकते हैं |

राग काफी: Raag Kafi Parichay and Bandish Notation

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

गोवि-न्द नाम  ले कर—-,  गोवि-न्द नाम  लेकर-

सांरेंमंमं  मंमं  गं गंरेंगंरेंसां, सांरेंमंमं  मंमं  गंरें सां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

श्री गंगा- जी का तट हो-

सां पपनि नि सां गंगं रेंसां

यमुना का वंशी वट हो

पप    प पध; पप म

मेरा सांवरा निकट हो —–,    मेरा सांवरा निकट हो –

सां  रेंमंमं  मंमं  गं गंरेंगंरेंसां, सां   रेंमंमं मंमं  गंरें सां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

 

पी ताम्ब  री कसी हो

सां पपनि सां गंगं रेंसां

छवि मन में यह बसी हो

पप   प  प  ध; पप म

हो  ठोंपे   कुछ  हसी हो—-,   हो   ठोंपे  कुछ  हसी हो

सां  रेंमंमं  मंमं  गं  गंरेंगंरेंसां, सां   रेंमंमं मंमं  गंरें सां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

श्री वृन्दा वन का स्थल हो

सां पपनि सां गं  गंरें  सां

मेरे मुख में तुल सी दल हो

प   प  प  प   ध; पप म

विष्णु चरण का   जल हो—-,   विष्णु चरण का  जल हो

सां   रेंमंमं  मंमं  गं  गंरेंगंरेंसां, सां   रेंमंमं मंमं गंरें सां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

जब कं-ठ   प्राण  आवे-

सां पपनि  सां गं  गंरेंसां

कोई रोग  ना सतावे

पप  पप  ध; पप म

यम दर्शना दिखा  वे —–,   यम दर्शना दिखा वे —

सां  रेंमंमं  मंमं गं गंरेंगंरेंसां, सां  रेंमंमं  मंमं गं रेंसां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

उस वक़्त जल्दी आना-

सां पपनि सांगं  गंरेंसां

नहीं श्याम भूल जाना-

पप  पप   ध;  पपम

रा धा-को साथ ला ना—-,   रा धा-को साथ लाना-

सां रेंमंमं  मंमं गं गंरेंगंरेंसां, सां रेंमंमं मंमं  गंरेंसां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

एक भक्त की है अर्जी-

सां पपनि  सां गं गंरेंसां

खुद गर्ज की है गरजी-

पप  प   प ध; पपम

आ गे- तुम्हारी म र्जी—-,   आ गे- तुम्हारी मर्जी-

सां रेंमं मंमंमं  गं गंरेंगंरेंसां, सां रेंमं मंमंमं  गंरेंसां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

ये  नेक   सी अरज है-

सां पनि सां गं गं रेंसां

मानो तो क्या ह रज है-

पप  प   प  ध; प पम

कु छ आप का फरज है—-,    कु छ आप का फरज है-

सां रें  मंमं मं मंगं  गंरेंगंरेंसां, सां रें  मंमं मं  मंगं  रेंसां

जब  प्रा—ण  तन से निकले—-

सांसां सांरेंसांगं  रें सां सांरेंगंरेंसांनिप

इतना  तो  करना स्वा-मी– जब प्राण तन से निकले–

सासाम ग  म ग  मपधपम सा  मग म  ग मपधपम

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पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

भारतीय धर्म, पुराण, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के शोधकर्ता। Sursarita.in (धर्म कथा गंगा) पर वे सरल भाषा में धार्मिक कथाएँ, राशिफल, पञ्चांग और व्रत विधियाँ साझा करते हैं।

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pawan shastri

Pawan Shastri

Pawan Shastri is an experienced music teacher and spiritual knowledge expert with 10 years of experience in harmonium, keyboard, singing, and classical music.

He holds an M.A. degree and is also a certified Jyotish Shastri (Astrology Expert). His articles and content aim to share devotional, musical, and spiritual knowledge in a simple, accurate, and emotionally engaging manner.

Pawan Shastri believes that the fusion of devotion in melody and wisdom in knowledge can bring peace, energy, and positivity to everyone’s life.

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