ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो लिरिक्स | Jyot Se Jyot Jagaate Chalo Lyrics
Jyot Se Jyot Jagaate Chalo Lyrics: इस गीत को लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल की सुंदर धुनों से सजाया गया है, और लता मंगेशकर जी तथा मुकेश जी ने अपनी मधुर और सुरमयी आवाज़ों से इसे अविस्मरणीय बना दिया है। यह गीत सुनने पर मन में शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
ज्योत से ज्योत जगाते चलो लिरिक्स | Jyot Se Jyot Jagaate Chalo Lyrics in Hindi
ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आए जो दीन दुखी, सबको गले से लगाते चलो
जिसका न कोई संगी साथी ईश्वर है रखवाला
जो निर्धन है जो निर्बल है वह है प्रभू का प्यारा
प्यार के मोती लुटाते चलो, प्रेम की गंगा…1
आशा टूटी ममता रूठी छूट गया है किनारा
बंद करो मत द्वार दया का दे दो कुछ तो सहारा
दीप दया का जलाते चलो, प्रेम की गंगा…2
छाई है छाओं और अंधेरा भटक गई हैं दिशाएं
मानव बन बैठा है दानव किसको व्यथा सुनाएं
धरती को स्वर्ग बनाते चलो, प्रेम की गंगा…3
ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आए जो दीन दुखी सब को गले से लगाते चलो
प्रेम की गंगा बहाते चलो …4
कौन है ऊँचा कौन है नीचा सब में वो ही समाया
भेद भाव के झूठे भरम में ये मानव भरमाया
धर्म ध्वजा फहराते चलो, प्रेम की गंगा …5
सारे जग के कण कण में है दिव्य अमर इक आत्मा
एक ब्रह्म है एक सत्य है एक ही है परमात्मा
प्राणों से प्राण मिलाते चलो, प्रेम की गंगा …6
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Jyot Se Jyot Jagaate Chalo Lyrics in English

Jyot Se Jyot Jagaate Chalo, Prem ki ganga Bahaate Chalo
raah me aae jo diin dukhii, sabako gale se lagaate chalo
jisaka na koi sangii saathi ishwar hai rakhavala
jo nirdhan hai jo nirbal hai wah hai prabhu ka pyaara
pyar ke moti luTaate chalo, prem kii gangaa…1
asha TuTi mamta ruthi chut gaya hai kinara
band karo mat dwaar daya ka de do kuch to sahara
deep daya ka jalate chalo, prem ki gangaa…2
chaaI hai chhaaon aur andhera bhatak gai hain dishaien
manav ban baitha hai danav kisko vyathaa sunaein
dharatii ko svarg banate chalo, prem ki ganga…3
Jyot Se Jyot Jagaate Chalo, Prem ki ganga Bahaate Chalo
raah mein aae jo diin dukhi sab ko gale se lagate chalo
prem kii gangaa bahaate chalo …4
kaun hai uuncha kaun hai nicha sab mein vo hi samaya
bhed bhaav ke jhuuthe bharam mein ye maanav bharamaya
dharm dhvajaa phaharaate chalo, prem kii ganga …5
sare jag ke kan- kan mein hai divya amar ik aatma
ek bramh hai ek satya hai ek hi hai parmaatmaa
praano se praan milaate chalo, prem kii gangaa …6












