Kabhi Pyaase Ko Paani Pilaaya Nahi Lyrics in Hindi: “कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं” एक अत्यंत लोकप्रिय भक्ति भजन है, जिसे मास्टर राणा जी ने अपने मधुर स्वर में प्रस्तुत किया है। यह भजन हमें मानवता, दया और करुणा की सीख देता है। गीतकार का संदेश है कि मनुष्य को हमेशा गरीबों, निर्धनों और दुखी लोगों की सेवा निश्वार्थ भाव से करनी चाहिए। यदि हम समय पर उनकी मदद करते हैं, तो यह वास्तव में लाभकारी और पुण्यकारी होता है; जबकि देर से की गई सहायता का कोई स्थायी फल नहीं मिलता।
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं | Kabhi Pyaase Ko Paani Pilaaya Nahi Lyrics in Hindi
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा ।
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं, बाद आंसू बहाने से क्या फ़ायदा ॥
मैं तो मंदिर गया, पूजा आरती की, पूजा करते हुए यह ख़याल आ गया ।
कभी माँ बाप की सेवा की ही नहीं, सिर्फ पूजा के करने से क्या फ़ायदा ॥आरती पुस्तक
मैं तो सतसंग गया, गुरु वाणी सुनी, गुरु वाणी को सुन कर ख्याल आ गया ।
जनम मानव का ले के दया ना करी, फिर मानव कहलाने से क्या फ़ायदा ॥
मैंने दान किया मैंने जप तप किया दान करते हुए यह ख्याल आ गया ।
कभी भूखे को भोजन खिलाया नहीं दान लाखों का करने से क्या फ़ायदा ॥
गंगा नहाने हरिद्वार काशी गया, गंगा नहाते ही मन में ख्याल आ गया ।
तन को धोया मनर मन को धोया नहीं फिर गंगा नहाने से क्या फ़ायदा ॥
मैंने वेद पढ़े मैंने शास्त्र पढ़े, शास्त्र पढते हुए यह ख़याल आ गया ।
मैंने ज्ञान किसी को बांटा नहीं, फिर ग्यानी कहलाने से क्या फ़ायदा ॥
माँ पिता के ही चरणों में ही चारो धाम है, आजा आजा यही मुक्ति का धाम है ।
पिता माता की सेवा की ही नहीं फिर तीरथों में जाने का क्या फायदा।।
Kabhi Pyaase Ko Paani Pilaaya Nahi Lyrics (Roman English Font me)
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi,
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi ॥
Jo mila usi se khush raha,
Apni duniya mein uljha raha ॥
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi ॥
Jo dukhi tha, uska sahara na bana,
Apni chhoti khushi mein hi laga raha ॥
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi ॥
Maa ke aansu, baap ke sukh,
Na samjha kisi ki dukh ॥
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi ॥
Dil ko jab khula, tab jaana,
Sachai ke paani se hi jeevan banaa ॥
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi ॥
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi,
Kabhi pyaase ko paani pilaaya nahi ॥
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भजन का महत्व (Spiritual Significance / Mahtv)
- यह भजन हमें सद्गुण और परोपकार की प्रेरणा देता है।
- इसके माध्यम से यह संदेश मिलता है कि ईश्वर के प्रति भक्ति केवल मंत्रों या भजन तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्म और सेवा में भी प्रकट होती है।
- इसे गाने या सुनने से मन में करुणा, सहानुभूति और सेवा भाव का संचार होता है।
- भजन का भाव यह है कि जिसने किसी प्यासे या भूखे को मदद दी, उसने वास्तव में भगवान की सेवा की।
- इसे विशेष रूप से भक्ति संध्या, साधना या सामाजिक सेवा के अवसरों पर गाया जा सकता है।












