Mohe Mitho Mitho Saryu Ji Ko Pani Lage Lyrics: मोहे मिठो मिठो, सरजू जी” एक भक्तिपूर्ण भजन है, जो भगवान श्री राम जी और उनकी नगरी अयोध्या को समर्पित है। इसे पूज्य परमभूषण महाराज जी ने अपने मधुर और भावपूर्ण स्वर में प्रस्तुत किया है।
इस भजन में भगवान श्री राम जी के प्रति भक्तों की असीम श्रद्धा और अयोध्या नगरी के प्रति प्रेम और आस्था का सुंदर वर्णन किया गया है। भजन सुनते ही भक्तजन भावविभोर हो जाते हैं और राम भक्तिमय वातावरण का अनुभव करते हैं। यह गीत विशेष रूप से महाराज जी के सत्संग समारोहों में बड़े हर्षोल्लास के साथ गाया और सुना जाता है।
मोहे मिठो मिठो सरजू जी को पानी लागे | Mohe Mitho Mitho Saryu Ji Ko Pani Lage Lyrics in Hindi
Mohe Mitho Mitho Saryu Ji Ko Pani Lage Lyrics:
सीता राम जी प्यारी राजधानी लागे,
राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो, सरजू जी को पानी लागे।
सीता राम जी प्यारी राजधानी लागे,
राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो, सरजू जी को पानी लागे।
जय हो प्रभु राम की जय हो अयोध्या धाम की,
धन्य कौशल्या धन्य सुमित्रा धन्य कैकई मैया,
धन्य कैकयी मैया,
धन्य कौशल्या धन्य सुमित्रा धन्य कैकई मैया,
धन्य कैकयी मैया, धन्य भूप दशरथ के अँगना,
खेलत चारो भैया,
मीठी तोतली रसीली प्रभु की बानी लागे
प्रभु की बनी लागे,मोहे मिठो मिठो, सरजू जी को पानी लागे।
सीता राम जी प्यारी राजधानी लागे,
राजधानी लागे
मोहे मिठो मिठो,सरजू जी को पानी लागे।
परम सुहावन जनम भूमि श्री रघुवर राम लला की,
रघुवर राम लला की,
कनक भवन सुन्दर शोभा हो,
कनक भवन सुन्दर शोभा,
लक्ष्मण ज्यूत के किला की,
जहां के कण कण में प्रभु की
निशानी लागे, निशानी लागे,
मोहे मिठो मिठो, सरजू जी को पानी लागे।
सीता राम जी प्यारी राजधानी लागे,
रंगमहल हनुमानगढ़ी छोटी छावनी अति सुन्दर,
छोटी छावनी अति सुन्दर,
रंगमहल हनुमानगढ़ी छोटी छावनी अति सुन्दर,
छोटी छावनी अति सुन्दर,
स्वंय जगत के मालिक बैठे,
स्वंय जगत के मालिक बैठे,
कनक भवन के अंदर,
सीता राम जो की शोभा सुखकानी लागे,
सुखकानी लागे,
सीता राम जी प्यारी राजधानी लागे,
राजधानी लागे
मोहे मिठो मिठो,सरजू जी को पानी लागे।
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