Raag Asavari: राग असवारी का परिचय, बंदिश, आलाप और तान

राग असवारी : Raag Asavari Bandish Notation And Parichay With Alap and Taan

इस पोस्ट में Raag Asavari Bandish Notation And Parichay के साथ Raag Asavari Bandish Notation और Raag Asavari Parichay With Alap and Taan भी दिया गया है |

Raag Asavari Bandish Notation And Parichay With Alap and Taan
राग असवारी, Raag Asavari Bandish Notation And Parichay With Alap and Taan

Raag Asavari Bandish Notation And Parichay With Alap and Taan

नोट – Raag Asavari में सभी ग, ध और नि कोमल प्रयोग किये गए हैं | इसलिए कोमल स्वरों में कोई भी चिन्ह नहीं लगाया गया है |

Raag Asavari Sampurn Parichay

थाट – आसावरी
जाति – औडव – सम्पूर्ण
वर्जित स्वर – आरोह में गंधार ( ग ) और निषाद ( नि )
वादी स्वर – धैवत ( ध )
संवादी स्वर – गंधार ( ग )
विकृत स्वर – ग, ध और नि कोमल
गायन समय – दिन का दूसरा प्रहर
आरोह – सा रे म प, ध सां
अवरोह – सां नि ध प, म प ध म प ग – रे सा |
पकड़ – म प ध म प ग, रे सा |

Raag Asavari Swar Vistaar

सा – .ध – .ध सा, .नि .ध .प, .ध – सा, रे म प नि ध – ( प ) – प ध ध – प ग – नि ध प, म प ग – म प ( प ) ध – ध सां ( सां ) रें, सां गं रें मं गं – रें सां ( सां ), नि ध प, म प ग – रे सा, ( सा ) .ध सा |

Raag Asavari Visheshta

1.) आरोह में गंधार ( ग ) और निषाद ( नि ) वर्ज्य तथा अवरोह में सातों स्वर प्रयोग किये जाते हैं |
2.) बिलावल अथवा काफ़ी रागों के सामान यह भी अपने थाट का आश्रय राग है |
3.) संगीतज्ञ जब इसमें शुद्ध रे के स्थान पर कोमल रे का प्रयोग करतें हैं तो इसे कोमल ऋषभ की असवारी कहतें हैं |
4.) प, ग की संगति बार – बार दिखाई जाती है |
5.) इसके वादी, संवादी धैवत ( ध ) और गंधार ( ग ) हैं |

राग असवारी – Raag Asavari Bandish Notation

Raag Asavari Bandish Notation And Parichay With Alap and Taan
राग असवारी, Raag Asavari Bandish Notation And Parichay With Alap and Taan

 

तीनताल                                        ( मध्यलय )

स्थाई –
म म प सां | ध प पध मप | ग रे म म | प  प प – |
अ रे  म न | स म झ- स- | म झ प ग | ध रि ए – |
2               0                   3               x
ध म प प | ध ध ध प | ध म पध मप | ग ग रे सा |
अ रे म न | इ स ज ग | में –  न- हीं- | अ प ना – |
2              0               3                  x
रे – सा – | सा सा गं – | रें – सां – | रें  रें ध प |
को – ई – | प  र छा – | ई – सों – | ड रि ए – |
2             0                3             x
अंतरा –

म – प  प | ध ध  ध – | सां सां सां सां | सां – सां – |
दौ – ल त | दु नि या – | कु  टु  म  क | बी – ला – |
0               3               x                    2
ध ध ध – | सां – सां सां | गं गं रें सां | नि सां ध प |
इ न सों – | ने –  ह  न | क ब हू न | क  रि ए  – |
0               3                x               2
प ध नि ध | – प धम प | ग – रे सा | रे –  सा – |
रा – म ना | – म सु- ख | ध – म ज | ग त प ति |
0               3                x              2
सा सा गं गं | रें – सां सां | रें  रें ध प | ध म प सां |
सु मि  र न | सौ – ज ग | त रि ए  – | अ रे म न |
0                 3               x                2

Raag Asavari Alap

Raag Asavari Sthai Alap

1.) सा रे म प | – ध ध प | = 8 मात्रा
2.) ध प म प | ग – रे सा | = 8 मात्रा

Raag Asavari Antara Alap

1.) नि ध प – | म प ध सां | = 8 मात्रा
2.) सा रे म प | ध – सां – | = 8 मात्रा
3.) ध प म प | ग – रे सा |  = 8 मात्रा
4.) सा रे म प | नि – ध प | = 8 मात्रा
5.) सा रे म प | ध – प – | = 8 मात्रा

Raag Asavari Taan

Raag Asavari Sthai Taan

1.) सारे मप निनि धप | मप धप मग रेसा | = 8 मात्रा
2.) सारे मप धसां रेंसां | निध पम गरे सा- | = 8 मात्रा
3.) निनि धप निनि धप | मप धप मग रेसा | = 8 मात्रा
4.) निनि धप मप निनि | धप मग रेसा निसा | = 8 मात्रा
5.) सांरें गंरें सांनि धप | मप धप मग रेसा | = 8 मात्रा
6.) सारे मप धप मप | निनि धप मग रेसा |
सारे मप धसां रेंसां | निध पम गरे सा- | = 16 मात्रा
7.) सारे मग रेसा सारे | मप धप मग रेसा |
सारे मप निनि धप | मप धप मग रेसा | = 16 मात्रा

Raag Asavari Antara Taan

1.) निध पम गरे सा- | मप धसां रेंगं रेंसां | = 8 मात्रा
2.) सांरें गंरें सांनि धप | मप निनि धप सां- | = 8 मात्रा

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पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

भारतीय धर्म, पुराण, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के शोधकर्ता। Sursarita.in (धर्म कथा गंगा) पर वे सरल भाषा में धार्मिक कथाएँ, राशिफल, पञ्चांग और व्रत विधियाँ साझा करते हैं।

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Pawan Shastri

Pawan Shastri is an experienced music teacher and spiritual knowledge expert with 10 years of experience in harmonium, keyboard, singing, and classical music.

He holds an M.A. degree and is also a certified Jyotish Shastri (Astrology Expert). His articles and content aim to share devotional, musical, and spiritual knowledge in a simple, accurate, and emotionally engaging manner.

Pawan Shastri believes that the fusion of devotion in melody and wisdom in knowledge can bring peace, energy, and positivity to everyone’s life.

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