
राग बिलावल हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का एक प्रमुख और अत्यंत मधुर राग है, जिसे प्रातःकाल में गाया जाता है। यह राग “शुद्ध बिलावल थाट” पर आधारित है और इसमें सातों शुद्ध स्वर प्रयुक्त होते हैं। इसकी कोमल और शांत भावनाएँ मन को शांति और आनंद से भर देती हैं। राग बिलावल का प्रयोग अक्सर भक्ति, शांति और माधुर्य भाव प्रकट करने वाले गीतों में किया जाता है।
Raag Bilawal Parichay – राग बिलावल का परिचय, बंधिश, आलाप और तान
Raag Bilawal Parichay, Bandish शुद्ध, आरोह – अवरोह, पकड़ स्वर विस्तार सहित सम्पूर्ण परिचय और छोटा ख्याल मध्य लय – तीन ताल की बंदिश नोटेशन अलाप और तान सहित –
परिचय –
थाट – बिलावल |
गायन समय – मध्य रात्रि |
वादी – ध |
संवादी – ग |
जाति – सम्पूर्ण – सम्पूर्ण |
विशेषता:-
1.)यह अपने थाट का आश्रय राग है |
2.)इसमें शुद्ध स्वरों का प्रयोग करते हैं |
आरोह :- सा रे ग, म प, ध नि सां |
अवरोह :- सां नि ध प, म ग, रे सा |
पकड़ :- ग रे, ग प, ध s नि सां |
समय:- मध्य रात्रि |
वादी/संवादी स्वर :- ध/ग |
Raag Bilawal Swar Vistar –
सा s s s, सा .नि (सा), .नि .ध .नि .ध .प, .ध .नि (सा), सा रे ग, (सा) ग s रे सा, ग रे ग s s प, (प) म ग s म रे, ग प ध, ध नि सां s s (सां) गं रें (सां) s नि ध प, प म ग s म रे सा ||
Raag Bilawal Bandish Notation –
तीन ताल (मध्य लय)
बोल –
स्थाई- अनुपम सुखद प्रभात भयो री,
श्याम दरश भये शीतल नयना |
अनुपम सुखद प्रभात भयो री,
श्याम दरश भये शीतल नयना ||
सुन्दर बदन कमल दल लोचन,
कोटि मदन छबि लीजे सखीरी |
अनुपम सुखद प्रभात भयो री,
श्याम दरश भये शीतल नयना |
स्थाई –
सां सां ध प | म ग म रे | ग म प ग | म रे सा – |
अ नु प म | सु ख द प्र | भा s त भ | यो s री s |
0 3 x 2
ग – म रे | ग प नि नि | सां – रें सां | नि ध प – |
श्या s म द | र श भ ये | शी s त ल | न य ना s |
0 3 x 2
अंतरा –
प – प प | सां सां सां सां | सां सां सां सां | सां रें सां सां |
सुं s द र | ब द न क | म ल द ल | लो s च न |
0 3 x 2
सां सां गं मं | गं रें सां नि | ध नि सां नि | ध प म ग |
को s टि म | द न छ वि | ली s जै स | खी s री s |
0 3 x 2
Raag Bilawal Alap and Taan –
स्थाई अलाप 16 मात्रा –
1. सा s ग s | ग म रे s | ग प ध s | म ग म रे |
2. ग प s ध | नि ध प s | ध नि सां नि | ध प म ग |
अंतरा अलाप 16 मात्रा –
1. सा ग s ग | म रे s ग | म प ग म | प ध नि सां |
स्थाई तान 08 मात्रा –
1. सारे गप धनि सांरें | सांनि धप मग रेसा |
2. गप धनि सांरें सांनि | धप मग मरे साs |
अंतरा तान 08 मात्रा –
1. सांनि धप मग मरे | गप निनि सांs सांs|
2. गप धनि सांरें सांनि | धप गप धनि सांs |
राग बिलावल पर आधारित भजन यहाँ पढ़ें:
अन्य राग:
- Raag Asavari: राग असवारी का परिचय, बंदिश, आलाप और तान
- Raag Kafi: राग काफी का परिचय, बंदिश, आलाप और तान












