
सखी फूले बसन्त के फूल बिरह तनु जारे चौताल गीत | Sakhi Phoole Basant Ke Phool Lyrics
सखी फूले बसन्त के फूल बिरह तनु जारे ||
चम्पा फुले गुलाब फुले सुरुजमुखी कचनारे ||
उड़हुल बेलि चमेलि फुलानेहो,
सर कमल फुले रतनारे ||१ ||
जुही मालती कंदइल दाड़िम गोंदा फुले हजारे ||
लाल अनार कुसुमकलियनहो सखी सिरीस फुले अतिबारे ||
जुही मालती कंदइल दाड़िम गोंदा फुले हजारे ||
लाल अनार कुसुमकलियनहो सखी सिरीस फुले अतिबारे ||
बाग पियाबिन फूल फुलाने मारत जान हमारे ||
जो पीया होत हमारे संगमेंहो,
सखि करत बिथा सब न्यारे ||
जो पीया होत हमारे संगमेंहो,
सखि करत बिथा सब न्यारे ||
जो पीया होत हमारे संगमेंहो,
सखि करत बिथा सब न्यारे ||
कोइल सब्द करत बगियामें सुनि सुनि फटत दरारे ||
लालबिहारी कहत समुझाइ हो,
गोरी तुमरो बलम अतिबारे ||
लालबिहारी कहत समुझाइ हो,
गोरी तुमरो बलम अतिबारे ||
लालबिहारी कहत समुझाइ हो,
गोरी तुमरो बलम अतिबारे ||
लालबिहारी कहत समुझाइ हो,
गोरी तुमरो बलम अतिबारे ||
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