Jagannath Chalisa in Hindi: जगन्नाथ चालीसा संपूर्ण पाठ, महत्व, लाभ और करने की विधि

भगवान श्री जगन्नाथ का चालीसा पाठ भक्तों के जीवन से भय, कष्ट और बाधाओं को दूर करता है। इस चालीसा में भगवान के दिव्य स्वरूप, दया और कृपा का सुंदर वर्णन मिलता है।

Shri Jagannath Chalisa in Hindi: जगन्नाथ चालीसा संपूर्ण पाठ, महत्व, लाभ और करने की विधि

नियमित पाठ से मन में शांति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। जो भी श्रद्धा से पाठ करता है, उसके जीवन में सुख, समृद्धि और कृपा स्थिर हो जाती है।

Jagannath Chalisa in Hindi: जगन्नाथ चालीसा पाठ

जगन्नाथ चालीसा दोहा

जय जगन्नाथ स्वामी जय बलभद्र संभाव।

जय सुबद्रा ताई अग्या करैं सब काज॥

जगन्नाथ चालीसा चौपाई

जय जगन्नाथ दयालु दया निधान।

करुणा रस सिन्धु नयन अन्धकार।।

कटकट धनुस विराजत शंखाधार।

मुख में कमल नैनन में चकार।।

कनकमय शीश नव चारु चंद्र भाला।

नख सिखर छवि गंजित सोहे बाला।।

अरुणांचल मुकुट श्रिया सोहत नूप।

मुख में मुरली बनमाल अजरे।।

शंख बाजे मृदुँग बाजत ताल।

वज्रांकुश गदा शुभ बदन काल।।

रक्त अंग वस्त्र बिभूषण बाजत।

प्रतीत शोभित नील विशाल जाजत।।

आवत धावत तब जू तार गृहवत।

कारज सर्व करैं सुधीर बुधवत।।

शची जब भय भए सागर पार।

रामदास कहैं बेद बिख्यात।।

श्री जगन्नाथ चालीसा जो कोई।

गावैं पाठ करैं कलेश नखटाई।।

जो यह पाठ करे मन लाई।

तेस ही कृपा करहु जगदीश।।

जगन्नाथ चालीसा दोहा

पवन तनय संकट हरण गोसाई।

कृपा द्रिष्टि तुम्हारी करहु विलासा।।

इसे भी पढ़ें:

जगन्नाथ चालीसा (Jagannath Chalisa) का महत्व

Jagannath Chalisa in Hindi, जगन्नाथ चालीसा
Jagannath Chalisa in Hindi, जगन्नाथ चालीसा
  • भगवान जगन्नाथ का चालीसा अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी स्तुति मानी जाती है।
  • इसका पाठ जीवन की बाधाओं को दूर करता है और भाग्य उदय कर देता है।
  • मन में भक्ति, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और सौहार्द बढ़ता है।
  • भगवान की कृपा से आध्यात्मिक उन्नति और कर्मों में सफलता प्राप्त होती है।

जगन्नाथ चालीसा (Jagannath Chalisa) करने की विधि

  • सुबह स्नान कर साफ तथा पीले/सफेद वस्त्र पहनें।
  • भगवान जगन्नाथ की तस्वीर/प्रतिमा के सामने दीपक, धूप और पुष्प अर्पित करें।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 11 बार जाप करें।
  • शांत मन से जगन्नाथ चालीसा का पाठ करें।
  • पाठ के बाद प्रसाद (खीर या गुड़) अर्पित करें।
  • गुरुवार या बुधवार को पाठ करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
Picture of पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

भारतीय धर्म, पुराण, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के शोधकर्ता। Sursarita.in (धर्म कथा गंगा) पर वे सरल भाषा में धार्मिक कथाएँ, राशिफल, पञ्चांग और व्रत विधियाँ साझा करते हैं।

ज्यादा जानें...

Share:

SUBSCRIBE

Loading

नए पाठ:

About Author

pawan shastri

Pawan Shastri

Pawan Shastri is an experienced music teacher and spiritual knowledge expert with 10 years of experience in harmonium, keyboard, singing, and classical music.

He holds an M.A. degree and is also a certified Jyotish Shastri (Astrology Expert). His articles and content aim to share devotional, musical, and spiritual knowledge in a simple, accurate, and emotionally engaging manner.

Pawan Shastri believes that the fusion of devotion in melody and wisdom in knowledge can bring peace, energy, and positivity to everyone’s life.

दिव्यता से जुड़े रहें! हमारे चैनल Dharm Katha Ganga से जुड़कर आप पाएंगे —

  1. 🌿 दैनिक आध्यात्मिक ज्ञान
  2. 🌿 शक्तिशाली मंत्र और भजन
  3. 🌿 सनातन धर्म से प्रेरित अद्भुत कथाएँ
  4. 🌿 व्रत कथाएँ, उपवास मार्गदर्शन और त्योहारों की जानकारी
  5. 🌿 विशेष सामग्री जो आपके जीवन में शांति, सकारात्मकता और भक्ति का संचार करेगी।