Thumak Chalat Ramchandra Lyrics: ठुमक चलत रामचंद्र” गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक अमर भक्ति रचना है जो भगवान श्रीराम के बाल रूप की मोहक छवि का वर्णन करती है। इस भजन में बालक राम के ठुमकते हुए कदम, उनकी मधुर मुस्कान और अयोध्या की आनंदमयी छवि जीवंत हो उठती है। इसे सुनते ही मन में मातृत्व, प्रेम और भक्ति का सागर उमड़ पड़ता है। यह भजन हर राम भक्त के हृदय में प्रभु के बालरूप की छवि बसाने वाला है।
Thumak Chalat Ramchandra Lyrics – ठुमक चलत रामचंद्र भजन के बोल
Thumak Chalat Ramchandra Lyrics:
ठुमक चलत रामचंद्र,
ठुमक चलत रामचंद्र,
बाजत पैंजनियां,
ठुमक चलत रामचंद्र,
बाजत पैंजनियां,
ठुमक चलत रामचंद्र
किलकि-किलकि उठत धाय
किलकि-किलकि उठत धाय,
गिरत भूमि लटपटाय
धाय मात गोद लेत,
दशरथ की रनियां
ठुमक चलत रामचंद्र,
बाजत पैंजनियां
ठुमक चलत रामचंद्र..
अंचल रज अंग झारि
अंचल रज अंग झारि,
विविध भांति सो दुलारि
विविध भांति सो दुलारि
तन मन धन वारि-वारि,
तन मन धन वारि
तन मन धन वारि-वारि,
कहत मृदु बचनियां
ठुमक चलत रामचंद्र,
बाजत पैंजनियां
ठुमक चलत रामचंद्र..
विद्रुम से अरुण अधर
विद्रुम से अरुण अधर,
बोलत मुख मधुर-मधुर
बोलत मुख मधुर-मधुर
सुभग नासिका में चारु,
लटकत लटकनियां
ठुमक चलत रामचंद्र,
बाजत पैंजनियां,
ठुमक चलत रामचंद्र..
तुलसीदास अति आनंद
तुलसीदास अति आनंद,
देख के मुखारविंद
देख के मुखारविंद
रघुवर छबि के समान
रघुवर छबि के समान,
रघुवर छबि बनियां
ठुमक चलत रामचंद्र
ठुमक चलत रामचंद्र,
बाजत पैंजनियां
ठुमक चलत रामचंद्र
अन्य सम्बंधित भजन:
- जब राम मेरे घर आएंगे लिरिक्स
- जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है
- जग में सुन्दर हैं दो नाम
- सीता राम सीता राम सीताराम कहिये
- जब राम मेरे घर आएंगे
- हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना
- तुम उठो सिया सिंगार करो – भजन
- आज का पंचांग: व्रत, शुभ मुहूर्त, योग, तिथि और पूजा विधि जानें
- Aaj ka Rashifal (आज का राशिफल)












