Top 10 Krishna Bhajan Lyrics in Hindi | श्री कृष्ण भजन लिरिक्स (कृष्ण भजन पढ़ें व सुनें)

Krishna Bhajan Lyrics, कृष्ण भजन लिरिक्स
Krishna Bhajan Lyrics, कृष्ण भजन लिरिक्स

Top 10 Krishna Bhajan Lyrics in Hindi | 10 लोकप्रिय श्री कृष्ण भजन लिरिक्स

Top 10 Krishna Bhajan Lyrics in Hindi पढ़ें। यहाँ श्री कृष्ण के 10 सबसे लोकप्रिय भजन लिरिक्स दिए गए हैं, जो भक्ति, प्रेम और कृष्ण नाम रस से मन को शांति प्रदान करते हैं।

1. ये तो प्रेम की बात है उधो कृष्ण भजन लिरिक्स

ये तो प्रेम की बात है उधो,
बंदगी तेरे बस की नहीं है।
यहाँ सर देके होते सौदे,
आशकी इतनी सस्ती नहीं है॥

प्रेम वालों ने कब वक्त पूछा,
उनकी पूजा में सुन ले ए उधो।
यहाँ दम दम में होती है पूजा,
सर झुकाने की फुर्सत नहीं है॥
॥ यह तो प्रेम की बात है उधो…॥

जो असल में हैं मस्ती में डूबे,
उन्हें क्या परवाह ज़िन्दगी की।
जो उतरती है चढ़ती है मस्ती,
वो हकीकत में मस्ती नहीं है॥
॥ यह तो प्रेम की बात है उधो…॥

जिसकी नजरो में है श्याम प्यारे,
वो तो रहते हैं जग से न्यारे।
जिसकी नज़रों में मोहन समाये,
वो नज़र फिर तरसती नहीं है॥
॥ यह तो प्रेम की बात है उधो…॥

यह तो प्रेम की बात है उधो,
बंदगी तेरे बस की नहीं है।
यहाँ सर देके होते सौदे,
आशकी इतनी सस्ती नहीं है॥

2. कान्हा की दीवानी बन जाउंगी कृष्ण भजन लिरिक्स

कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,

जब मेरा कान्हा माखन खावे मैं मिश्री बन जाऊ,
मिश्री बनके मैं कान्हा के माखन में मिल जाऊ,
माखन बन जाउंगी मैं माखन बन जाउंगी,
कान्हा की….,

जब मेरा कान्हा गैया चराये मैं ग्वालियन बन जाऊ,
ग्वालियन बनके मैं कान्हा से संग में गैया चराऊ,
ग्वालियन बन जाउंगी मैं ग्वालियन बन जाउंगी,
कान्हा की….

जब मेरा कान्हा होली खेले मैं राधा बन जाऊ,
राधा बनके मैं कान्हा से संग में होली खेलउ,
राधा बन जाउंगी मैं राधा बन जाउंगी,

3. यशोमती मैया से बोले नंदलाला कृष्ण भजन लिरिक्स

यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला॥

बोली मुस्काती मैया, ललन को बताया
कारी अंधियरी आधी रात में तू आया
लाडला कन्हैया मेरा, काली कमली वाला
इसीलिए काला॥

यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला॥

बोली मुस्काती मैया, सुन मेरे प्यारे
गोरी गोरी राधिका के नैन कजरारे
काले नैनों वाली ने, ऐसा जादू डाला
इसीलिए काला॥

यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला॥

इतने में राधा प्यारी, आई इठलाती
मैंने न जादू डाला, बोली बलखाती
मैय्या कन्हैया तेरा हो, जग से निराला
इसीलिए काला॥

यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला॥

4. राधा ढूँढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा कृष्ण भजन लिरिक्स

राधा ढूँढ रही
किसी ने मेरा श्याम देखा।
श्याम देखा घनश्याम देखा,
ओ बंसी बजाते हुए,
ओ राधा तेरा श्याम देखा।

राधा तेरा श्याम,
मेने मथुरा में देखा।
बंसी बजाते हुए,
राधा तेरा श्याम देखा।
राधा ढूँढ रही
किसी ने मेरा श्याम देखा।

राधा तेरा श्याम,
मेने गोकुल में देखा।
गैया चराते हुए,
राधा तेरा श्याम देखा।
राधा ढूँढ रही
किसी ने मेरा श्याम देखा।

राधा तेरे श्याम,
मेने वृन्दावन में देखा।
रास रचाते हुए,
राधा तेरा श्याम देखा।
राधा ढूँढ रही
किसी ने मेरा श्याम देखा।

राधा तेरे श्याम,
मेने जलीपूरा में देखा।
पर्वत उठाते हुए,
राधा तेरा श्याम देखा।
राधा ढूँढ रही
किसी ने मेरा श्याम देखा।

राधा तेरे श्याम,
सर्व जगत में देखा।
राधे राधे जपते हुए,
राधा तेरा श्याम देखा।

राधा ढूँढ रही
किसी ने मेरा श्याम देखा।
श्याम देखा घनश्याम देखा,
ओ बंसी बजाते हुए,
ओ राधा तेरा श्याम देखा।

5. श्यामा आन बसों वृन्दावन में कृष्ण भजन लिरिक्स

Shyama Aan Baso Vrindavan Me Bhajan Lyrics: श्यामा आन बसों वृन्दावन में एक भावपूर्ण कृष्ण-राधा भजन है, जो भक्त के हृदय की पुकार और वृन्दावन धाम में वास की अभिलाषा को व्यक्त करता है।

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।

श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।

श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।

श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।

श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।

6. मीठे रस से भरीयो रे राधा रानी लागे कृष्ण भजन लिरिक्स

मीठे रस से भरीयो रे,
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

मीठे रस से भरीयो रे,
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

जमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी ।
व्रजधाम राधा जी की,
राजधानी लागे,
राजधानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

मीठे रस से भरीयो रे,
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

कान्हा नित मुरली मे तेरी,
सुमरे बारम बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कहुँ ना पावे पार ।
रूप रंग की छबीली,
पटरानी लागे,
पटरानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

मीठे रस से भरीयो रे,
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

ना भावे मने माखन मिसरी,
अब ना कोई मिठाई,
मारी जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई ।
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

मीठे रस से भरीयो रे,
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
देखो उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम ।
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

मीठे रस से भरीयो रे,
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे ।
मने कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे ।

7. हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की कृष्ण भजन लिरिक्स

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

नंद के आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

हे ब्रज में आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

जय हो नंदलाल की जय यशोदा लाल की,

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की ।

कोटि ब्रहमाण्ड के अधिपति लाल की,

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

ए गौवे चराने आयो जय यशोदा लाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय कन्हैया लाल की,

गैया चराने आयो जय यशोदा लाल की ।

पूनम की चन्द्र जैसी शोभा है गोपाल की,

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

हे आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ।

भक्त के आनंद कंद जय यशोदा लाल की,

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय यशोदा लाल की ।

आनंद से बोलो सब जय हो ब्रज लाल की,

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

जय हो ब्रज लाल की जय हो प्रतीपाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ।

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

नंद के आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

हे ब्रज में आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

जय हो नंदलाल की जय यशोदा लाल की,

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की ।

8. गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो कृष्ण भजन लिरिक्स

गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो,

राधा – रमण हरी गोपाल बोलो,

गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो

गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो,

जै – जै श्याम

राधेश्याम, राधेश्याम, राधेश्याम…

ओ री ओ मोसे मोरा श्याम रूठा

कहे मोरा भाग फूटा,

कहे मैने पाप धोए,

आँसुवान बीज बोए

छुप छुप मीरा रोए,

दर्द ना जाने कोई

जै – जै श्याम

राधेश्याम, राधेश्याम, राधेश्याम…

विष का प्याला पीना पड़ा है,

मारकर भी मोहे जीना पड़ा है,

नैन मिलाए गिरधर से

गिर गई जो अपनी ही नज़र से,

रो-रो नैना खोए ।

च्छूप-च्छूप मीयर्रा रोए

दर्द ना जाने कोई,

जै – जै श्याम

राधेश्याम, राधेश्याम, राधेश्याम…

गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो,

राधा-रमण हरी गोपाल बोलो,

गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो

गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो,

जै – जै श्याम

राधेश्याम, राधेश्याम, राधेश्याम…

9. बताओ कहाँ मिलेगा कृष्ण भजन लिरिक्स

स्थाई –
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
चरण पादुका लेकर सब से,
चरण पादुका लेकर सब से पूछ रहे रसखान
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
अंतरा –
वो नन्ना सा बालक है सांवली सी सूरत है
वो नन्ना सा बालक है सांवली सी सूरत है
बाल घुंघराले उसके पहनता मोर मुकुट है
नयन उसके कजरारे हाथ नन्ने से प्यारे
बांदे पैजन्यिया पग में बड़े दिलकश हैं नज़ारे।
घायल कर देती है दिल को उसकी इक मुस्कान॥
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
समझ में आया जिसका पता तू पूछ रहा है
वो है बांके बिहारी जिसे तू ढूंढ रहा है
कहीं वो श्याम कहाता कहीं वो कृष्ण मुरारी
कोई सांवरिया कहता कोई गोवर्धन धारी
नाम हज़ारो ही हैं उसके कई जगह में धाम
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम

 

मुझे ना रोको भाई मेरी समझो मजबूरी
श्याम से मिलने देदो बहुत है काम ज़रूरी
सीडीओं पे मंदिर के दाल कर अपना डेरा
कभी तो घर के बाहर श्याम आएगा मेरा
इंतज़ार करते करते ही सुबह से हो गई श्याम
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
जाग कर रात बिताई भोर होने को आई
तभी उसके कानो में कोई आहात सी आई
वो आगे पीछे देखे वो देखे दाए बाए
वो चारो और ही देखे नज़र कोई ना आए
झुकी नज़र तो कदमो में ही बैठा नन्ना श्याम
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
ख़ुशी से गदगद होकर गोद में उसे उठाया
लगा कर के सीने से बहुत ही प्यार लुटाया
पादुका पहनाने को पावं जैसे ही उठाया
नज़ारा ऐसा देखा कलेजा मूह को आया
कांटे चुभ चुभ कर के घायल हुए थे नन्ने पावं
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
खबर देते तो खुद ही तुम्हारे पास मैं आता
ना इतने छाले पड़ते ना चुबता कोई काँटा
छवि जैसी तू मेरी बसा के दिल में लाया
उसी ही रूप में तुमसे यहाँ मैं मिलने आया
गोकुल से मैं पैदल आया तेरे लिए बृजधाम
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
श्याम की बाते सुनकर कवि वो हुआ दीवाना
कहा मुझको भी देदो अपने चरणों में ठिकाना।
तू मालिक है दुनिया का यह मैंने जान लिया है
लिखूंगा पद तेरे ही आज से ठान लिया है।
श्याम प्रेम रस बरसा ‘सोनू’ खान बना रसखान
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
 
काटो पर चल कर के रखे भाव के भूके है भगवान
 
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम

10. अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो कृष्ण भजन लिरिक्स

देखो देखो यह गरीबी, यह गरीबी का हाल,
कृष्ण के दर पे यह विशवास ले के आया हूँ।
मेरे बचपन का दोस्त हैं मेरा श्याम,
येही सोच कर मैं आस ले कर के आया हूँ ॥

अरे द्वारपालों कहना से कह दो,
दर पे सुदामा गरीब आ गया है।
भटकते भटकते ना जाने कहाँ से,
तुम्हारे महल के करीब आ गया है॥

ना सर पे हैं पगड़ी, ना तन पे हैं जामा
बतादो कन्हिया को नाम है सुदामा।
इक बार मोहन से जाकर के कहदो,
मिलने सखा बदनसीब आ गया है॥

सुनते ही दोड़े चले आये मोहन,
लगाया गले से सुदामा को मोहन।
हुआ रुकमनी को बहुत ही अचम्भा,
यह मेहमान कैसा अजीब आ गया है॥

और बराबर पे अपने सुदामा बिठाये,
चरण आंसुओं से श्याम ने धुलाये।
न घबराओ प्यारे जरा तुम सुदामा,
ख़ुशी का समा तेरे करीब आ गया है।

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Picture of पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

भारतीय धर्म, पुराण, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के शोधकर्ता। Sursarita.in (धर्म कथा गंगा) पर वे सरल भाषा में धार्मिक कथाएँ, राशिफल, पञ्चांग और व्रत विधियाँ साझा करते हैं।

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Pawan Shastri

Pawan Shastri is an experienced music teacher and spiritual knowledge expert with 10 years of experience in harmonium, keyboard, singing, and classical music.

He holds an M.A. degree and is also a certified Jyotish Shastri (Astrology Expert). His articles and content aim to share devotional, musical, and spiritual knowledge in a simple, accurate, and emotionally engaging manner.

Pawan Shastri believes that the fusion of devotion in melody and wisdom in knowledge can bring peace, energy, and positivity to everyone’s life.

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