
Teras Kab Hai 2026: त्रयोदशी तिथि (Teras Tithi) हिन्दू पंचांग की अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि है। इसे तेरस भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है — चंद्र मास का तेहरवाँ दिन। हर महीने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों में यह तिथि आती है और धार्मिक, ज्योतिषीय तथा आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत विशेष मानी जाती है।
इस दिन कई व्रत, पूजा और अनुष्ठान किये जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं — प्रदोष व्रत और धनतेरस (धन्वंतरि त्रयोदशी)।
इस माह त्रयोदशी (तेरस) कब है? | Teras Kab Hai 2026? Tryodashi List 2026
Teras Kab Hai 2026: त्रयोदशी तिथि, जिसे सरल भाषा में तेरस कहा जाता है, हिंदू पंचांग की एक अत्यंत पवित्र तिथि है। यह प्रत्येक महीने के चंद्र मास का तेहरवाँ दिन होती है। इस दिन भगवान शिव और भगवान धन्वंतरि की पूजा विशेष रूप से की जाती है। प्रदोष व्रत और धनतेरस जैसे प्रमुख पर्व भी इसी तिथि पर आते हैं।
त्रयोदशी तिथि क्या है? | Teras Kya Hai?
- त्रयोदशी तिथि चंद्र मास के दोनों पक्षों—शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष—में आती है।
- शुक्ल पक्ष: अमावस्या से पूर्णिमा तक
- कृष्ण पक्ष: पूर्णिमा से अमावस्या तक
- तेरस हर महीने का अत्यंत शुभ दिन माना जाता है, जिस दिन कई धार्मिक अनुष्ठान, व्रत, पूजन और दान किए जाते हैं।
वर्ष 2026 में त्रयोदशी (Teras Kab Hai 2026)? – जनवरी से दिसंबर तक की पूरी लिस्ट
नीचे पूरे वर्ष 2026 की त्रयोदशी (तेरस) तिथियों की मासिक तालिका दी जा रही है।
2026 में त्रयोदशी तिथि सूची
हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र माह के तेरहवें दिन को त्रयोदशी तिथि कहा जाता है। यह तिथि प्रत्येक महीने में दो बार आती है — एक बार शुक्ल पक्ष में और एक बार कृष्ण पक्ष में। धार्मिक दृष्टि से त्रयोदशी का विशेष महत्व माना गया है।
त्रयोदशी के दिन भगवान शिव जी की पूजा का विधान है। इसी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो पूर्ण रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को आने वाला धनत्रयोदशी (धनतेरस) अत्यंत प्रसिद्ध पर्व है।
नीचे वर्ष 2026 की संपूर्ण त्रयोदशी तिथियों की सूची, दिनांक और समय सहित दी जा रही है।
त्रयोदशी तिथि – जनवरी 2026
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
गुरुवार, 1 जनवरी 2026
तिथि समय: 1 जनवरी 2026 को 01:48 प्रातः – 1 जनवरी 2026 को 10:22 रात्रि
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026
तिथि समय: 15 जनवरी 2026 को 08:17 अपराह्न – 16 जनवरी 2026 को 10:22 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 31 जनवरी 2026
तिथि समय: 30 जनवरी 2026 को 11:09 प्रातः – 31 जनवरी 2026 को 08:26 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – फ़रवरी 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 15 फ़रवरी 2026
तिथि समय: 14 फ़रवरी 2026 को 04:02 अपराह्न – 15 फ़रवरी 2026 को 05:05 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 1 मार्च 2026
तिथि समय: 28 फ़रवरी 2026 को 08:43 अपराह्न – 1 मार्च 2026 को 07:09 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – मार्च 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (मधु कृष्ण त्रयोदशी)
मंगलवार, 17 मार्च 2026
तिथि समय: 16 मार्च 2026 को 09:41 प्रातः – 17 मार्च 2026 को 09:23 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
मंगलवार, 31 मार्च 2026
तिथि समय: 30 मार्च 2026 को 07:10 प्रातः – 31 मार्च 2026 को 06:56 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – अप्रैल 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 15 अप्रैल 2026
तिथि समय: 15 अप्रैल 2026 को 12:12 प्रातः – 15 अप्रैल 2026 को 10:31 रात्रि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
तिथि समय: 28 अप्रैल 2026 को 06:52 अपराह्न – 29 अप्रैल 2026 को 07:52 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – मई 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 15 मई 2026
तिथि समय: 14 मई 2026 को 11:21 प्रातः – 15 मई 2026 को 08:31 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 29 मई 2026
तिथि समय: 28 मई 2026 को 07:57 प्रातः – 29 मई 2026 को 09:51 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – जून 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 13 जून 2026
तिथि समय: 12 जून 2026 को 07:37 अपराह्न – 13 जून 2026 को 04:08 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 27 जून 2026
तिथि समय: 26 जून 2026 को 10:22 रात्रि – 28 जून 2026 को 12:43 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – जुलाई 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 12 जुलाई 2026
तिथि समय: 12 जुलाई 2026 को 02:04 प्रातः – 12 जुलाई 2026 को 10:30 रात्रि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 27 जुलाई 2026
तिथि समय: 26 जुलाई 2026 को 01:58 अपराह्न – 27 जुलाई 2026 को 04:15 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – अगस्त 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
मंगलवार, 11 अगस्त 2026
तिथि समय: 10 अगस्त 2026 को 08:01 प्रातः – 11 अगस्त 2026 को 04:54 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 26 अगस्त 2026
तिथि समय: 25 अगस्त 2026 को 06:21 प्रातः – 26 अगस्त 2026 को 07:59 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 9 सितंबर 2026
तिथि समय: 8 सितंबर 2026 को 02:43 अपराह्न – 9 सितंबर 2026 को 12:31 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
गुरुवार, 24 सितंबर 2026
तिथि समय: 23 सितंबर 2026 को 10:51 रात्रि – 24 सितंबर 2026 को 11:18 रात्रि
त्रयोदशी तिथि – अक्टूबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
तिथि समय: 7 अक्टूबर 2026 को 11:17 रात्रि – 8 अक्टूबर 2026 को 10:16 रात्रि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
तिथि समय: 23 अक्टूबर 2026 को 02:36 अपराह्न – 24 अक्टूबर 2026 को 01:37 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – नवंबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (धनत्रयोदशी)
शनिवार, 7 नवंबर 2026
तिथि समय: 6 नवंबर 2026 को 10:31 प्रातः – 7 नवंबर 2026 को 10:48 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 23 नवंबर 2026
तिथि समय: 22 नवंबर 2026 को 04:57 प्रातः – 23 नवंबर 2026 को 02:37 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – दिसंबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 7 दिसंबर 2026
तिथि समय: 6 दिसंबर 2026 को 12:52 प्रातः – 7 दिसंबर 2026 को 02:22 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
मंगलवार, 22 दिसंबर 2026
तिथि समय: 21 दिसंबर 2026 को 05:36 अपराह्न – 22 दिसंबर 2026 को 02:24 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि व्रत की सूची 2026 | Teras Vrat List 2026
वर्ष 2026 में कुल 24 त्रयोदशी तिथियाँ आएंगी। सामान्य रूप से प्रत्येक चंद्र माह में 2 त्रयोदशी होती हैं—एक शुक्ल पक्ष और एक कृष्ण पक्ष। हालांकि, जनवरी 2026 में 3 त्रयोदशी (2 शुक्ल व 1 कृष्ण) आती हैं, जबकि फ़रवरी 2026 में केवल 1 त्रयोदशी पड़ती है, क्योंकि उस माह की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 1 मार्च 2026 को आती है। इसके बावजूद, पूरे वर्ष में त्रयोदशी तिथियों की कुल संख्या 24 ही रहती है।
त्रयोदशी तिथि का महत्व | Teras Ka Mahatva
- त्रयोदशी तिथि का धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्योतिषीय महत्व अत्यंत बड़ा है।
- यह दिन भगवान शिव की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
- प्रदोष व्रत इसी तिथि को रखा जाता है।
- धनतेरस (धन त्रयोदशी) भी त्रयोदशी के दिन मनाई जाती है।
- इस दिन किए गए व्रत और पूजा से बाधाओं, कष्टों और रोगों से मुक्ति मिलती है।
- त्रयोदशी तिथि पर प्रमुख व्रत और पूजा
1. प्रदोष व्रत
यह भगवान शिव को समर्पित व्रत है। इसका पालन शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है।
- प्रदोष व्रत पूजा विधि
- प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
- शिवलिंग पर जल, दूध, दही, बेलपत्र अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- संध्या काल में विशेष पूजा करें।
2. धनतेरस (धन त्रयोदशी)
Teras Kab Hai 2026: यह कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को आता है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि और देवी लक्ष्मी की पूजा का विधान है।
- धनतेरस पूजा विधि
- सुबह स्नान कर पूजा स्थल सजाएँ।
- दीप जलाएँ और घर के मुख्य द्वार पर भी दीपक रखें।
- धन्वंतरि एवं देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
त्रयोदशी तिथि का ज्योतिषीय महत्व
Teras Kab Hai 2026: त्रयोदशी पर यदि रवि योग, अमृत सिद्धि योग, या सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है तो यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए कार्य जल्दी सिद्ध होते हैं।
प्रदोष व्रत कथा विडियो (Pradosh Vrat Katha Video)
Teras Kab Hai 2026: कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव अपने भक्तों की कठिन तपस्या से प्रसन्न हुए और उन्होंने प्रदोष व्रत का महत्व बताया। इस व्रत से पापों का नाश होता है और शिव कृपा प्राप्त होती है।
Teras Kab Hai 2026: त्रयोदशी (तेरस) तिथि हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायी मानी जाती है। प्रदोष व्रत, धनतेरस, और कई महत्वपूर्ण पूजन इसी दिन किए जाते हैं। वर्ष 2026 की सभी त्रयोदशी तिथियाँ ऊपर दी गई तालिका में जोड़ दी गई हैं, जिससे आप अपने व्रत-पूजन की योजना आसानी से बना सकें।
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