Vinayaka Chaturthi Vrat Katha: विनायक चतुर्थी व्रत कथा – गणपति की कृपा पाने का सबसे सरल और सिद्ध उपाय

Vinayaka Chaturthi Vrat Katha, विनायक चतुर्थी व्रत
Vinayaka Chaturthi Vrat Katha, विनायक चतुर्थी व्रत

Vinayaka Chaturthi Vrat Katha: विनायक चतुर्थी का यह पावन व्रत हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा और व्रत-कथा का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भक्त की हर मनोकामना पूर्ण होती है। ऐसा माना जाता है कि विघ्नहर्ता गणेश जी स्वयं अपने भक्तों के सभी कष्ट और बाधाएँ दूर कर देते हैं।

Vinayaka Chaturthi Vrat Katha | विनायक चतुर्थी व्रत कथा यहाँ पढ़ें, पूरी होगी हर इच्छा!

Vinayaka Chaturthi Vrat Katha Hindi Mein: साल की पहली विनायक चतुर्थी को अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी और वरदा चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भक्त भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और विशेष पूजन करते हैं। धार्मिक विश्वास के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत करता है और कथा का पाठ करता है, उसकी हर इच्छा पूर्ण होती है तथा जीवन के सभी संकट दूर होकर सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

विनायक चतुर्थी व्रत कथा (Vinayak Chaturthi Vrat Katha In Hindi)

Vinayaka Chaturthi Vrat Katha: पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव और माता पार्वती नर्मदा नदी के किनारे विराजमान थे। माता पार्वती ने समय बिताने के लिए शिव जी से चौपड़ खेलने की इच्छा जताई। शिव जी इसके लिए तैयार हो गए, लेकिन खेल में हार-जीत का निर्णय कौन करेगा, यह समस्या उनके सामने थी। इस समस्या का समाधान करते हुए भगवान शिव ने पास में पड़े तिनके इकट्ठा कर एक बालक का पुतला बनाया और उसमें प्राण-प्रतिष्ठा कर दी। फिर उन्होंने उस बालक से कहा, “बेटा, हम दोनों चौपड़ खेलने जा रहे हैं, तुम ही बताना कि हम में से कौन जीतेगा और कौन हारेगा।”

इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती के बीच चौपड़ का खेल शुरू हुआ। यह खेल तीन बार खेला गया और तीनों ही बार माता पार्वती विजयी रहीं। खेल समाप्त होने पर भगवान शिव ने उस बालक से हार-जीत का निर्णय सुनाने के लिए कहा। लेकिन बालक ने सत्य के विपरीत माता पार्वती की जगह भगवान शिव को विजयी बता दिया। यह सुनकर माता पार्वती क्रोधित हो उठीं। क्रोध में उन्होंने बालक को श्राप दे दिया कि वह लंगड़ा होकर कीचड़ में पड़ा रहेगा। यह दंड पाकर बालक घबरा गया और माता से क्षमा मांगने लगा। उसने विनती की कि उससे भूल अनजाने में हुई है।

बालक की प्रार्थना सुनकर माता पार्वती का हृदय पिघल गया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष बाद इस स्थान पर नागकन्याएँ भगवान गणेश की पूजा करने आएँगी। उनके बताए अनुसार यदि तुम भगवान गणेश का व्रत करोगे, तो तुम्हारे सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। यह कहकर माता पार्वती वहाँ से चली गईं।

समय बीता और एक वर्ष पश्चात वही नागकन्याएँ उस स्थान पर आईं। बालक ने उनसे विनायक व्रत की विधि जानी। नागकन्याओं के निर्देशानुसार उसने 21 दिनों तक लगातार भगवान गणेश का व्रत किया। बालक की श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान गणेश उसके सामने प्रकट हुए और उसे वरदान मांगने के लिए कहा।

बालक ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की, “हे विनायक! मुझे इतनी शक्ति दीजिए कि मैं अपने पैरों से चलकर कैलाश पर्वत तक पहुँच सकूं।” भगवान गणेश ने उसकी मनोकामना पूरी कर दी। वह बालक स्वस्थ होकर कैलाश पर्वत पहुँचा और वहां उसने भगवान शिव को अपनी पूरी कथा सुनाई।

चौपड़ वाले दिन की घटना के कारण माता पार्वती पहले से ही शिव जी से रुष्ट थीं। देवी को मनाने के लिए भगवान शिव ने भी उसी विधि से 21 दिनों तक गणेश व्रत किया, जैसे बालक ने किया था। इस व्रत के प्रभाव से माता पार्वती का क्रोध शांत हो गया और वे स्वयं शिव जी से मिलने के लिए कैलाश पहुंचीं।

भगवान शिव ने माता पार्वती को इस व्रत की महिमा बताई। यह सुनकर माता पार्वती के मन में अपने पुत्र कार्तिकेय से मिलने की इच्छा उत्पन्न हुई। उन्होंने भी 21 दिनों तक भगवान गणेश का व्रत किया। व्रत के इक्कीसवें दिन भगवान कार्तिकेय स्वयं माता पार्वती के दर्शन करने आए।

तभी से विनायक चतुर्थी का यह व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। जो भी भक्त सच्चे मन से यह व्रत रखकर कथा का पाठ करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के सभी कष्ट तथा विघ्न दूर हो जाते हैं।

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पवन शास्त्री, साहित्याचार्य (M.A.) - Author

भारतीय धर्म, पुराण, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान के शोधकर्ता। Sursarita.in (धर्म कथा गंगा) पर वे सरल भाषा में धार्मिक कथाएँ, राशिफल, पञ्चांग और व्रत विधियाँ साझा करते हैं।

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Pawan Shastri

Pawan Shastri is an experienced music teacher and spiritual knowledge expert with 10 years of experience in harmonium, keyboard, singing, and classical music.

He holds an M.A. degree and is also a certified Jyotish Shastri (Astrology Expert). His articles and content aim to share devotional, musical, and spiritual knowledge in a simple, accurate, and emotionally engaging manner.

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