Maa Durga Aarti, विशेषकर “अंबे तू है जगदम्बे काली” और “जय दुर्गे खप्पर वाली आरती”, नवरात्रि में की जाने वाली सबसे शक्तिशाली आरतियों में मानी जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों में यह Maa Durga Aarti करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, शक्ति और दिव्य संरक्षण का तेज बढ़ता है।
Maa Durga Aarti Lyrics | अंबे तू है जगदम्बे काली आरती लिरिक्स
Maa Durga Aarti: इस आरती के नियमित पाठ से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन में साहस, आत्मविश्वास और शांति का संचार होता है। Navratri Durga Aarti का महत्व यह है कि यह भक्त और देवी माँ के बीच भक्ति का गहरा संबंध स्थापित करती है और जीवन की बाधाएँ दूर होने लगती हैं।
अंबे जी की आरती: Maa Durga Aarti
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
तेरे भक्त जनो पर माता भीर पड़ी है भारी।
दानव दल पर टूट पड़ो मां करके सिंह सवारी॥
सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली,
दुष्टों को तू ही ललकारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता।
पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥
सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली,
दुखियों के दुखड़े निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।
हम तो मांगें तेरे चरणों में छोटा सा कोना॥
सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,
सतियों के सत को संवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥
माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली,
भक्तों के कारज तू ही सारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
सम्बंधित पोस्ट:
- साईं बाबा की आरती पाठ, अर्थ सहित | श्री शिरडी साईं बाबा की आरती
- हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ
- श्री रामचंद्र जी की आरती, श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम् आरती, अर्थ सहित
- राम जी की आरती, आरती कीजे श्री रामलला की आरती अर्थ सहित
- लक्ष्मी जी की आरती लिरिक्स |
- यहाँ पढ़ें मार्गशीर्ष गुरुवार आरती – श्री महालक्ष्मी देवीची आरती एवं ॐ जय लक्ष्मी माता आरती
- श्री सत्यनारायणजी की आरती हिंदी में पढ़ें, अर्थ सहित
- हनुमानजी की आरती – आरती कीजै हनुमान लला की अर्थ सहित
- विष्णु भगवान की आरती – ॐ जय जगदीश हरे अर्थ सहित
- Tulsi Ji Ki Aarti: तुलसी माता की आरती पाठ, अर्थ व महत्व सहित
- सूर्य भगवान की आरती (रविवार व्रत आरती), अर्थ, महत्व और व्रत का लाभ
- जय संतोषी माता आरती, अर्थ एवं महत्व – संतोषी माता की आरती
- शनिवार व्रत आरती, अर्थ एवं महत्व सहित
- तुलसी माता की आरती पाठ, अर्थ व महत्व सहित
Maa Durga Aarti Meaning in hindi | अंबे तू है जगदम्बे काली

1. अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
अर्थ: हे माँ अम्बे! आप ही जगत की जननी और काली रूप में प्रकट होने वाली शक्तिशाली देवी हैं। जय हो माँ दुर्गे, जो असुरों का संहार करके संसार की रक्षा करती हैं।
2. तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
अर्थ: हे माँ! देवी सरस्वती सहित सभी देवियाँ आपके गुणों का गान करती हैं। हम भी श्रद्धा से आपकी आरती उतारते हैं।
3. तेरे भक्त जनो पर माता भीर पड़ी है भारी।
अर्थ: माँ! आपके भक्त कठिनाइयों और समस्याओं से घिरे हुए हैं।
4. दानव दल पर टूट पड़ो मां करके सिंह सवारी॥
अर्थ: माँ! कृपा करके सिंह की सवारी करके दुष्टों और नकारात्मक शक्तियों पर प्रहार करें और भक्तों को बचाएँ।
5. सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली
अर्थ: माँ दुर्गा सौ-सौ सिंहों से भी अधिक शक्तिशाली हैं और अष्टभुजा रूप में संसार की रक्षा करती हैं।
6. दुष्टों को तू ही ललकारती।
अर्थ: आप ही दुष्टों को चेतावनी देती हैं और उनका विनाश करती हैं।
7. ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
अर्थ: हे माँ! हम सभी मिलकर आपकी आरती उतारते हैं और आपकी शरण में आते हैं।
8. माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता।
अर्थ: इस संसार में माँ और पुत्र का संबंध सबसे शुद्ध माना जाता है।
9. पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥
अर्थ: हमने अच्छे और बुरे पुत्रों की कहानियाँ तो सुनी हैं, पर किसी को बुरी माँ कहते नहीं सुना—माँ हमेशा दयालु होती है।
10. सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली
अर्थ: माँ हर प्राणी पर दया बरसाती हैं और जीवन में अमृत समान सुकून प्रदान करती हैं।
11. दुखियों के दुखड़े निवारती।
अर्थ: माँ दुखी लोगों के दुख दूर करती हैं और उन्हें राहत देती हैं।
12. ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
अर्थ: माँ! हम आपकी आरती उतारते हैं और कृपा की याचना करते हैं।
13. नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।
अर्थ: माँ! हम आपसे धन-संपत्ति नहीं मांगते—न सोना, न चांदी।
14. हम तो मांगें तेरे चरणों में छोटा सा कोना॥
अर्थ: हम केवल आपकी चरण-शरण में एक छोटा-सा स्थान चाहते हैं।
15. सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली
अर्थ: माँ सबकी बिगड़ी सुधरती हैं और कठिन समय में अपने भक्त की रक्षा कर सम्मान बचाती हैं।
16. सतियों के सत को संवारती।
अर्थ: माँ सच्चे और सदाचार वाले लोगों के जीवन को संवारती हैं।
17. ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
अर्थ: हे माँ! हम आपकी आरती उतारते हैं और कृपा चाहते हैं।
18. चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
अर्थ: माँ! हम आपकी चरण-शरण में खड़े होकर पूजा की थाली अर्पित करते हैं।
19. वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥
अर्थ: हे माँ! अपना वरदहस्त हमारे सिर पर रखकर सभी संकटों को दूर कर दें।
20. माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली
अर्थ: हे अष्टभुजा वाली माँ! हमारे हृदय में भक्ति रूपी अमृत प्याला भर दो।
21. भक्तों के कारज तू ही सारती।
अर्थ: माँ! भक्तों के सभी काम और समस्याएँ आप ही दूर करती हैं।
22. ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
अर्थ: हे माँ! हम श्रद्धा से आपकी आरती उतारते हैं और आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं।












